जयकारों से गुंजायमान हुआ ब्रह्मधाम

श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ पर वैशाख षष्टी सोमवार को सुबह ब्रह्मर्षि ब्रह्माशांवतार ब्रह्मलीन गुरु महाराज श्री खेताराम महाराज की 30 पुण्य तिथि समारोह में आस्था व श्रद्धा का सैलाब उमड़ा पड़ा। दूर-दूर से भाविक ब्रह्मलीन गुरु महाराज को पुष्पांजलि अर्पित करने ब्रह्मधाम पहुंचे।

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Friday, 20 June 2014

चलो पुष्कर

चलो पुष्कर 23 जुन से 8 जुलाई पद

यात्रा ...........चलो पुष्कर
सभी समाज बन्धुओ को हार्दिक आंमत्रण
की श्री तुलछाराम जी महाराज का 34
वा चातुर्मास पुष्कर मे होगा आप सपरिवार
प्रधारे
इस मे 16 दिवसीय पैदल यात्रा संध के
यात्री ब्रह्मधाम पर अपना नाम लिखा दो जी

जय श्री खेतेश्वर दाता री सा

Sunday, 25 May 2014

गोमाता के दूध का कर्ज निभाना जरूरी

बेलगाम के बालिका आदर्शा स्कूल के मैदान मे गोमाता की रक्षा मे हमारी सुरक्षा के तहत सुख के लिए इस किताब का अनावरण कार्यकरम मे गोमाता की पूजा करते अभिनेता राज के पुरोहित साथ मे रामेश्वरलाल  भाटी एवं अन्य
गोमाता के दूध का कर्ज निभाना जरूरी : राज के पुरोहित

बेलगाम|अभिनेता राज के पुरोहित ने कहा की देश पर जब अंग्रेज़ो ने राज्य किया तब उन्होने देश की संस्कृती और गोमाता को मिटाने के लिए जर्सी गाय को देश मे लाया था|अंग्रेज़ो के देश मे आने से पहले आबादी से ज्यड़ा गयो की संख्या थी लेकिन अब जन संख्या ज्यादा और गायों की संख्यकम हुवी है जिस से संमतोल बिगड़ा हुवा है| गोमाता की रक्षा मे ही मानव की सुरक्षा छुपी हुवी है इस लिए हर एक को गोरक्षा करना प्रथम कर्तव्य बन गया है|
बेलगाम शहर के तिलक वाडी के बालिका आदर्श हाय स्कूल के सभागार मे आयोजित गोरक्षा मे हमारी सुरक्षा सुख के लिए इस चार भाषों मे अनुवादित किताब का अनावरण किया गया| शुरुवात मे इस्कॉन  के नन्द नन्दन महाराज और  प्लास्टिक असोसिएशन के अध्यक्ष रामेश्वरलाल भाटी, समाज सेवी टीकमचंद राजपुरोहित, पवन राठोड ने गोमाता  की पूजा की जिस के बाद कार्यकरा की शुरुवात हुवी|
            इस अवसर पर श्री राम सेना के जिलाध्यक्ष रमाकांत कोंडुस्कर, चंदगड़ महाराष्ट्र के पूर्व  विधायक नरसिंह राव पाटिल, भाजप  नेता अनिल बेनके, राम सेना के रवि कोकितकर  प्रभु निलजकर , सनातन संथा के नीरज गुर्जर भी मौजूद थे|इस्कॉन के ब्रिज मोहन दास ने सुख के लिए यह मराठी मे किताब लिखी है जो की उन्होने खुद महाराष्ट्र के चंदगड़ तहसील के 8000 स्कूल छत्रों मे वितरित की है इस किताब का चार भाषाओ मे भाषांतरित किया गया है| 
राज के पुरोहित ने आगे कहा की जैसे माँ दूध पीकर अपना बेटा  जीवन भर माँ को संभालता है उर दूध का कर्ज निभाता है ठीक उसी तरह गोमाता का दूध पीकर हम सभी उस की रक्षा कर अपना फर्ज निभाना जरूरी है|इस अवसर पर  इस्कॉन के भकजन और राम सेना के कार्यकर्ता मौजूद थे|

Tuesday, 6 May 2014

जयकारों से गुंजायमान हुआ ब्रह्मधाम

जयकारों से गुंजायमान हुआ ब्रह्मधाम

श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ पर वैशाख
षष्टी सोमवार को सुबह ब्रह्मर्षि ब्रह्माशांवतार
ब्रह्मलीन गुरु महाराज श्री खेताराम महाराज
की 30 पुण्य तिथि समारोह में आस्था व
श्रद्धा का सैलाब उमड़ा पड़ा। दूर-दूर से भाविक
ब्रह्मलीन गुरु महाराज को पुष्पांजलि अर्पित करने
ब्रह्मधाम पहुंचे।
महामंत्री भंवरसिंह कनाना ने बताया कि समारोह
की पूर्व संध्या पर मुख्य पांडाल में भजन
संध्या का आयोजन हुआ। रातभर सुरीली भजन
लहरिया सुनकर भाविक आध्यात्मिक सागर
की लहरों में हिलोरे लेते रहे। सवेरे 10 बजे
वेदांताचार्य ध्यानारामजी महाराज के सानिध्य में
100 बटुकों ने जल घटकों के साथ ब्रह्म सरोवर,
श्री ब्रह्माजी के मंदिर व वैकुण्ठधाम
परिक्रमा की। इन्हीं जल घटकों द्वारा वेदांताचार्य
ध्यानाराम ने वैदिक मंत्रों के साथ ब्रह्मलीन
ब्रह्मर्षि ब्रह्माशांवतार गुरु महाराज
श्री खेतारामजी के विग्रह का घटाभिषेक किया।
मुख्य पांडाल में बड़ी संख्या में
भाविकों की उपस्थिति में चढ़ावे
की बोलियां का शुभारंभ हुआ। 31 वीं पुण्यतिथि,
गुरु पूर्णिमा, महाशिवरात्रि संवत 2071
की पूर्णिमाओं की महाप्रसादी एवं अन्य
बोलियां आयोजित हुई। बोलियों का संचालन
आसूसिंह इंद्राणा ने किया। बोलियों में भक्त-
भाविकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पुण्यतिथि के
अवसर पर मुख्य पांडाल में गुरु महाराज
खेतारामजी महाराज को पुष्पांजलि अर्पित करने के
लिए समारोह का आयोजन रखा गया। कार्यक्रम में
ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज ने
भाविकों एवं पूजनीय संतवृंदों के साथ श्री गुरु मंदिर
की ओर मुंह कर दो मिनट के मौन के साथ
पुष्पांजलि अर्पित की। वेदांताचार्य ध्यानाराम
महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंत्र
पुष्पांजलि अर्पित की। श्री ब्रह्मासावित्री सिद्ध
पीठाधिश्वर तुलसाराम महाराज ने आशीर्वचन ने
कहा कि गुरु महाराज ने अपने तपोबल से
श्री ब्रह्मधाम रूपी वटवृक्ष खड़ा किया।
जिसकी छांव में भाविकों को सुखद एहसास होता है।
यहां आने वाले प्रत्येक भाविक के मन में जीवमात्र
के प्रति प्रेमभाव उत्पन्न होता है। गुरु महाराज के
तपोबल से ही आज तक सभी धार्मिक आयोजन
निर्विघ्न पूर्ण हुए हैं। उन्हीं की प्रेरणा से
श्री ब्रह्मात्मक महायज्ञ, द्वारिकाधाम पैदल
यात्रा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन हुए।
उन्हीं की प्रेरणा से तीर्थराज पुष्कर तक की पैदल
यात्रा का आयोजन होने जा रहा है।

Friday, 2 May 2014

रेवतड़ा में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 10 को

रेवतड़ा में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 10 को
सायला. निकटवर्ती रेवतड़ा गांव में
चामुंडा माता मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 10 मई
को होगी। प्रतिष्ठा में सिरे मंदिर जालोर के
गादीपति गंगानाथ महाराज का सानिध्य रहेगा।
आयोजकों के अनुसार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
का आगाज 8 मई को साधु-संतों के सानिध्य में
जलयात्रा निकालने के साथ होगा। वहीं 10 मई
को विधि विधान से शुभ मुहूर्त में नवनिर्मित मंदिर
में माताजी की मूर्ति स्थापित
की जाएगी तथा शिखर पर स्वर्ण कलश व
ध्वजारोहण किया जाएगा। इधर, गांव में
प्रतिष्ठा को लेकर उत्साह का माहौल है। मंदिर
परिसर का आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।
प्रवेश द्वार व रंगबिरंगी रोशनी के लिए लाइट
डेकोरेशन किया गया है। प्रवचन एवं विभिन्न
धार्मिक कार्यक्रमों के लिए पांडालों का निर्माण
किया जा रहा है तथा हवन आदि के लिए
यज्ञशाला का भी निर्माण कार्य चल रहा है।

संतों के सानिध्य में धूमधाम से हुई मोहनानंद सरस्वती महाराज की मूर्ति की स्थापना

संतों के सानिध्य में धूमधाम से हुई मोहनानंद सरस्वती महाराज की मूर्ति की स्थापना

श्री आत्मानंद समाधि धाम में चल रहे
प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत गुरुवार को साधु-
संतों के सानिध्य में अभिजीत मुहूर्त में वैदिक
मंत्रोच्चार के साथ लाभार्थी परिवार के
सदस्यों की ओर से मोहनानंद सरस्वती महाराज
की मूर्ति की स्थापना की गई। इस दौरान
लाभार्थी परिवार के सदस्यों की ओर से मंदिर
परिसर पर पुष्प वर्षा की गई। मूर्ति स्थापना के
कार्यक्रम में जिले सहित आस-पास के क्षेत्रों से
आए राजपुरोहित समाज के लोगों ने भाग लिया।
इससे पूर्व लाभार्थी परिवार के सदस्यों ने तोरण
वंदन के साथ फले चूंदड़ी चढ़ाने का लाभ लिया।
मूर्ति स्थापना के बाद महाआरती व
महाप्रसादी का आयोजन किया गया।
मूर्ति स्थापना को लेकर मंदिर परिसर में दिन भर
मेले सा माहौल बना रहा। इस दौरान उपस्थित
लोगों ने साधु-संतों से आशीर्वाद लेकर क्षेत्र में
सुख-समृद्धि व खुशहाली की मनोकामना की।
प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान गुरुवार
को गायत्री होम की पूर्णाहुति हुई।
प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन पर लाभार्थी परिवार
के सदस्यों व साधु-संतों व ट्रस्ट की ओर से
बहुमान किया गया।
भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु
प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत बुधवार रात्रि में भजन
संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में
बालोतरा के गायक कलाकार प्रकाश माली की ओर
से भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी गई। भजन
संध्या के प्रारंभ में रामानंद महाराज ने रामायण
की चौपाइयां पेश की। इसके बाद प्रकाश माली ने
गणपति व गुरु वंदना सहित कई
भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी जिन पर श्रद्धालु
देर रात तक झूमते रहे।
साधु-संतों का रहा सानिध्य
प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत जिले सहित आस-पास
के क्षेत्रों से आए साधु-संतों का सानिध्य रहा।
प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन पर ब्रह्मधाम
आसोतरा गादीपति तुलसाराम महाराज, भारत साधु
समाज प्रदेशाध्यक्ष निर्मलदास महाराज, भैरुनाथ
अखाड़ा जालोर के गंगानाथ महाराज, लेटा महंत
रणछोड़ भारती महाराज, रामानंद महाराज,
दंडी स्वामी देवानंद सरस्वती महाराज,
दत्तशरणानंद महाराज व रावतभारती महाराज सहित
कई साधु संत उपस्थित थे।
> जालोर. आत्मानंद समाधि धाम पर
प्रतिष्ठा समारोह में हैलीकॉप्टर से
पुष्पवर्षा की गई।
क्च आत्मानंद समाधि धाम में लाभार्थी परिवार के
सदस्यों ने मंदिर परिसर पर कलश चढ़ाने के साथ
की पुष्प वर्षा, तोरण वंदन के साथ लिया फले
चुंदड़ी का लाभ, भजन संध्या में झमे

अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभ कामनाए

।। अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभ कामनाए ।।
अक्षय तृतीया के दिन किए गए दान, जप, होम, स्वाध्याय
और पितृ तर्पण का फल अक्षय हो जाता है । विशेष करके
आज के दिन गोशाला में जाकर गौमाता को हरी घास खिलाने
से गौ सेवक का भाग्योदय होता है ।
बैसाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाने वाला 'अक्षय तृतीया'
या 'आखा तीज' भारत की कृषि सभ्यता से जुड़ा सांस्कृतिक
लोकपर्व है. इसी तिथि से सतयुग और त्रेतायुग की काल
गणना शुरू होने के कारण इसे युगादि तिथि के रूप में भी
जाना जाता है. अक्षय तृतीया के साथ भारतीय सभ्यता
और संस्कृति के कई माहात्म्य जुड़े हैं ।
आप सभी भारत वासीयो को अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभ कामनाए ।